ईरान के संसद सभापति अली लारीजानी ने क्षेत्रीय मामलों और अंतर्राष्ट्रीय मंच की कुछ समस्याओं को दूर करने में ईरान के रोल को समय के किसी भी कालखंड की तुलना में अधिक संवेदनशील बताया है।
अली लारीजानी ने गुरुवार को ईरान के केन्द्रीय प्रांत यज़्द के धर्मगुरुओं के बीच, हालिया दशक में क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों विशेष रूप से चरमपंथी रुझानों व धार्मिक मतभेदों की ओर इशारा करते हुए बल दिया कि ईरान के सामने इन रुझानों को हवा देने में ज़ायोनी शासन और कुछ पश्चिमी देशों के गुप्तचर तंत्र की ख़ुफ़िया भूमिका पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ईरान अकेला देश था जो आतंकवाद के ख़िलाफ़ लंबे व ख़र्चीले संघर्ष में आगे आया और यह बात सारे देश जानते हैं।
ईरान के संसद सभापति ने कहा कि वरिष्ठ नेता के उपायों से ईरानी राष्ट्र सभी समस्याओं से निपट लेगा। उन्होंने पाबंदियों को हटाने के लिए ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम की ओर से की जा रही कोशिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि ख़ुशी की बात है कि पिछले एक साल में गंभीर रूप से वार्ता हुयी और इस बातचीत में देशों की नीयत स्पष्ट हो गयी है। अली लारीजानी ने बल दिया कि अंतर्राष्ट्रीय नियमों के परिप्रेक्ष्य में शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा से लाभ उठाने की ईरान की कोशिशों के मद्देनज़र सामने वाले पक्ष को भी चाहिए कि वह ईरान के संबंध में अपना व्यवहार बदले और संजीदगी दर्शाए।
27 नवंबर 2014 - 18:12
समाचार कोड: 654449
ईरान के संसद सभापति अली लारीजानी ने क्षेत्रीय मामलों और अंतर्राष्ट्रीय मंच की कुछ समस्याओं को दूर करने में ईरान के रोल को समय के किसी भी कालखंड की तुलना में अधिक संवेदनशील बताया है।